Monday, 22 June 2026

अक्ल की शक्ल

किसी ने मुझसे पूछा बताओ तो 
अक्ल की शक्ल कैसी होती है 
मैंने कहा भाई व्यक्ति और स्थिति सापेक्ष होती है 
वो बोला फिर अक्ल बड़ी या भैंस 
क्यों कहा जाता है 
मैंने कहा भाई अक्ल का 
मापदंड नहीं होता है 
किंतु उसकी तृषा शांत नहीं हुई 
वो फिर बोला 
अक्ल और दिमाग में 
कौन बेहतर कहलाता है 
मैंने कहा भाई 
ये मनुष्य स्वभाव के दो धृव है 
जाने अनजाने भी लेकिन 
कभी एक ना हुए 
कभी अक्ल कुछ कहती 
तो दिमाग कुछ कहता है 
दोनों की राय एक रही 
ऐसा बहुत कम होता है 
दिलो दिमाग के मेल पर 
अक्ल अक्सर ख़फ़ा होती है 
इन सब के फेर में उलझा 
मनुष्य गोते ही खाता है 
सुनकर मेरी वाणी से 
उसपर परिणाम कुछ ऐसा हुआ 
अक्ल और शक्ल की अनबुझ पहेली को छोड 
वो चलता हुआ 
कवि 'रवि'

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