Saturday, 30 May 2026

दोस्त दिल की धड़कन होते हैं

चलती चक्की से बेजार हो कर मन थम सा जाता है 
फिर से उम्मीद जगाने को सिर्फ दोस्त काम आता है 
आनंद का आशियाना बना दिल में बसता है 
दुःख को अपना बना हमदर्दी बढा लेता है 
किसी उलझन में ना आवाज लगानी पडती हो जिसे 
वो और कोई नहीं बस अपना दोस्त होता है 
चाहे रूठे सारी दुनिया चाहे ठुकरा दे ज़माना 
भगवान से भी झगड़ने को तैयार वो दोस्त होता है 
कैसे बयां करूं वो महफ़िल ए इशरत 'रवि'
बिना बोले ही समां बांधें वो दोस्त होता है।
कवि 'रवि' 

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