देवी स्तुति
हे देवी दयावती अंबे माँ
मैं तेरी शरण जगदंबे माॅं......|धृवपद|
भक्तों को सुख दात्री तू
शरणागत की मातृ तू
गुणवर्णन क्या करूं तेरा
मेरे लिए जगधात्री तू.........||१||
सकल विश्व की माता तू
देवादिक की त्राता तू
आदि भवानी शक्ति सुरी
जग पालक जय गाथा तू ....||२||
देवी दयावती अंबे माॅं... मैं तेरी शरण जगदंबे माॅं
कवि'रवि'

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