याद
सुबह न आई,शाम न आई
एक पल ऐसा नहीं।
जो उनकी याद न आई
रात न आई, दिन न आया
कोई समां ऐसा नहीं
उनकी यादों का एहसास नही लाया।
सुबह की सर्द हवा
उनके यादों की नमीं लायी
शाम के उमडते बादल
उनके आगोश की कमी लाये ।
दोपहर की धूपसा
चमकता उनका चेहरा
याद आया खयालों में
पेशे नजर नही आया ।
कवि'रवि'

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