शौर्य की गाथा
आओ सुनें हम शौर्य की गाथा
जिसपे फिदा है भारत माता
जल थल नभ में अजेय है हम
देश भक्ति में लीन सदा हम
प्रेम भाव है जीवन की धुन
पर शत्रु पात करेंगे चुन चुन
हमसे अकारण जो टकराया
उसने बेडा गर्क ही पाया
संस्कृति रक्षण साथ ही जन मन
लक्ष्य हमारे बुलंद क्षण क्षण
शस्त्र और शास्त्र अध्ययन
मानव प्रगति यही ध्येय धन
कवि 'रवि'

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