Tuesday, 5 September 2023

प्रभु स्मरण

कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में सादर सप्रेम भेंट
चाहे कृष्ण कहो या राम
बनेंगे बिगड़े हुए सब काम

एक यशोदा का है प्यारा
एक मात कौशल्या का दुलारा
शक्ति साधना के है दोनों
परमादर्श किंतु निष्काम
चाहे कृष्ण कहो या राम
बनेंगे बिगड़े हुए सब काम

शत्रु दमन का ध्येय पुरस्सर
भक्त वत्सल है सदा निरंतर 
जब जब आंधी पाप की आई
चले छोड निज धाम
चाहे कृष्ण कहो या राम
बनेंगे बिगड़े हुए सब काम

करें साधना आज समर्पित
दीन दयालु तुमको अर्पित
करें निछावर अपना सबकुछ
निज मुक्ति के लिए प्रणाम
चाहे कृष्ण कहो या राम
बनेंगे बिगड़े हुए सब काम

कवि 'रवि'

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