गर्दिशे आसमां
ना जाने क्यों कभी एहसास होता है
के आसमां पे बादलों का असर खास होता है
चढ़े दिन में धुंधलका छा जाता है
राहें सुनसान, बारिश का मंज़र खास होता है
झमाझम बरसता पानी और दिल बेकाबू
उसके पास आने का भरम खास होता है
गर्म चाय की प्याली और कानों में तरन्नुम
दिले बागबां खुशनुमा अलबत्ता खास होता है
वो आती है तो दर साल मुहब्बत साथ लाती है
उसके आने का अंदाज भी बहुत खास होता है
धरा पर मौजूद हर शय को है उसका इंतज़ार
'रवि' तेरे अंदाज़े बयां का हुनर खास होता है
कवि 'रवि'

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