Saturday, 30 March 2024

राम राम जय राजा राम

तुम जो चाहो समझो मुझको 

मैं तो हूं नंगा फकीर

राम राम बस रटते रहना

मेरे जीवन की तासीर 

ना मांगने की है नीयत 

ना है देने की औकात 

चंद सांसे लेकर आया

इतनी सी ही है सौगात 

राम कहो भाई राम कहो

वो ही बेड़ा पार करे

जीवन क्या है बहती नैया

वृथा ऐहिक से प्यार करे

कहे 'रवि' ऐ सुन भाई साधो

एकही एक है तेरो धाम

राम चरण और बाकी न कोई

स्मरते रहना अपना काम

कवि 'रवि'

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