Monday, 23 February 2026

दुआ मांगता है अरे किस जहां से

दुआ मांगता है अरे किस जहां से 
कोई खुश ना गुज़रा अभी तक यहां से 
है तेरी मुहब्बत यहां जिस किसी से 
आएंगे जलाकर तुझे बेरुखी से 
ना दौलत बनी है वफादार तुझसे 
ना दरकार किसको तेरे आशियां से 
कहानी वजूद की रह जाएगी पीछे 
खोई जब दुनिया फिर पाएगा कहां से 
'रवि' और अब कुछ ना हासिल की चाहत 
करें अलविदा और हो रुखसत यहां से 
कवि 'रवि' 



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