अंदर की आग
बंधो, सस्नेह नमस्ते,
हरामी दिमाग से हरामीपन ही जन्म लेता है। गंधी जो दक्षिण अफ्रीका में लताड़ खाते हुए कुछ वर्ष निर्लज्जता से जीता रहा, उसे अचानक कहां से स्वाभिमान जागा?
वास्तव में उसे गोरी चमड़ी वाले सूअरों ने चिन्हित कर उसके साथ एक कोन्ट्रैक्ट किया की वो भारत जाएगा और यहां की मूर्ख जनता को नंगा हो कर वश में कर लेगा। वो इतना जानते थे कि हम नंगों के सामने नतमस्तक हो जाते हैं। नैरू और उसकी चांडाल चौकड़ी ने उसे ब्लैकमेल किया और हमारी शोषण की कहानी अथक चल रही है।

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