इशरते अहबाव
ख्वाबों में आते रहना
सितारोंमे दिखते रहना
चाॅंद सी रोशनी मुझपर
यूँ ही बरसाते रहना
यारों के बिन जीना गँवारा नहीं
तुम से बिछड़के भी यारों
मैं कभी हारा नहीं
हारा नहीं हूं क्यों कि
हरपल हो, तुम्, मेरे साथ
दूरसे से भी देखता हूं मैं
दुआ करते वो तुम्हारे हाथ
कवि'रवि'

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