राष्ट्र गान
हिंदु भू को सब समर्पण
हमने किया संकल्प है
मातृभू तुझपर निछावर
जान यही विकल्प है
राह में भगवे की चलकर
एक हिंदुस्थान होगा
वंचना कोई न होगी
सबही का विकास होगा
देश में प्रतिघात की
धृष्टता कोई करे तो
एकही आवाज में
पुरजोर तब प्रतिकार होगा
ऐ मॉं मेरी तेरी शरण में
शांति है सुख चैन है
जीयूं मरूं तेरे चरण में
बलिदान मेरा सार्थ होगा
कवि'रवि'

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