Saturday, 23 July 2022

१७/०७/२०२२

परमपूजनीय भगवा ध्वज
रा स्व संघ की आर्यभट्ट शाखा के गुरु पूजन समारोह में उपस्थित सभी स्वयंसेवक गण। 
चूंकि आज के हमारे उपस्थिति का विशेष महत्व है कि हम आज हमारे प्रथम गुरु परम पूजनीय भगवा ध्वज को अपनी निष्ठा और रा स्व संघ के प्रति हमारी श्रद्धा का परंपरा अनुसार अर्पण करते हैं।
किंतु किसी के मन में यह विचार उत्पन्न होना स्वाभाविक है कि श्रद्धा और निष्ठा तो हम रोज ही नियमित रूप से शाखाओं में उपस्थित रहकर ध्वज प्रणाम से लेकर हमारी दैनंदिन गतिविधियों में शामिल रहकर व्यक्त करते ही हैं और जब भी संघ द्वारा आयोजित सेवा कार्य में आवश्यकता होती है तो अपना योगदान भी देते हैं। फिर गुरु पूजन का विशेष औचित्य क्या है? आइये आज हम इसी विषय का उहापोह करते हैं। 
जैसा कि हम सब जानते हैं और मानते भी हैं कि मनुष्य को अपने जीवन समय में दो साधनों का उपयोग जीवन के अंतिम क्षण तक रहता है, जो कि विद्या और बुद्धि है। इन दो

0 Comments:

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home