Sunday, 5 January 2025

ध्यानीमनी चित्ती

ध्यानीमनी चित्ती 
सदा राम पाही 
तयासी सुखाची 
कदा भ्रांत नाही 
असे नाम ज्याच्या 
श्वासात लिप्त 
तयासी पडेना 
कशाची ददात 
राम एक दाता 
राम ची हो त्राता 
राम सेवकांचा 
सदा ज्येष्ठ भ्राता 
मुखी राम येता 
शत्रु होई नि:शेष 
तशी रामरक्षा 
असे हो विशेष 
अशा रामराया 
सदा आठवावे 
नित्य कार्यारंभी 
सदा ते वदावे 
श्रीराम जयराम जय जय राम 
श्रीराम जयराम जय जय राम 
कवि 'रवि'

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