जिंदगी
जिंदगी जिंदगी नाम है जिसका
एक खिलौना है शीशे का
ढलते ढलते ही टूट जाये
करिश्मा है खुदाई का
जिंदगी जिंदगी नाम है जिसका
इक झोंका है हवा का
आता है लहराता हुआ
जाता है तूफां की तरह
जिंदगी जिंदगी नाम है बूंदका
आसमां से गिरे या प्याले से छलके
बिखरते ही जाना है
अनगिनन दूकडो में
कवि'रवि'

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