हर पल है नागवार
हर पल है नागवार शिकायत किससे करें
धोखा है बार-बार शिकायत किससे करें
इऩसां के उसूलों में
दश़्ते रवायत आ गई
काजी है कुफ्रसार शिकायत किससे करें
राहों में है दुष्मन
जिंदगी आम हो गई
दवा न दुआ असरदार शिकायत किससे करें
ये मोजिज़ा ही तो है
हमें एहतराम आया
संगदिल है सनम शिकायत किससे करें
हाशिए पर थी अबादत
सब़र नाकाम हो गई 'रवि'
हर दिल में है खंजर शिकायत किससे करें
कवि'रवि'

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