डॉ कादंबिनी गांगुली जी का जन्म दिन
जय श्रीराम
डॉक्टर आनंदी बाई जोशी तथा डॉक्टर कादंबिनी गांगुली १९वी सदी की वो भारतीय महिलाएं है, जिन्होंने अपने अदम्य उत्साह से तथा अतार्किक मानसिक शौर्य से आधुनिक उपचार पद्धति का अध्ययन कर डॉक्टर की पदवी हासिल की और भारतीय नारी शक्ति का सम्मान बढाया। वो दौर ऐसा था जब भारत में नारियों को परिवार से या समाज से ऐसा कोई प्रोत्साहन नहीं मिला करता था कि वे ऐसा साहस कर पाएं। किंतु, प्रखर विचार से कोई ध्येय लेकर आगे बढ़ें तो समुद्र भी राह बना देता है, इस उक्ति को तत्कालीन इन महिलाओं ने सार्थक किया है।
वो ऐसा दौर था जब पूरे देश में वैचारिक क्रांति की नींव रखी जा रही थी और भारत एक देश एक राष्ट्र का का रूप धारण कर रहा था। २०वी सदी के प्राथमिक दशक एकात्म भारत के वृक्ष की जड़ें मजबूत कर चुके थे, और उस यज्ञ में आहुति देने के लिए हर आयु का भारतीय नागरिक लालाइत था।
कुछ उसी तरह आज भी वैचारिक क्रांति का दौर हम अनुभव कर रहे हैं, और आज विशेषतः युवा पीढ़ी अपने हित अहित से सजग हो कर इस देश में शुद्धीकरण की प्रक्रिया को आकार दे रही है।
भारत विश्वगुरू था इस वास्तविकता को जीने की चाह ने युवाओं में जोश भर दिया है और इस सदी का सबसे अधिक युवा जनसंख्या वाला हमारा देश फिर से अपने उस स्वर्णिम युग की पुनरावृत्ति की ओर अग्रसर है।
दिनांक १८जुलाई १८६१ को जन्मीं डॉ कादंबिनी गांगुली जी का स्मरण करते हुए मैं इस उभरते हुए भारत के उन सभी विद्वज्जनों को बधाई देता हूं और फिर से हमारा परचम उत्तुंग लहराएगा ऐसी कामना करता हूं।
|भारत माता की जय|
कवि'रवि'

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