Saturday, 22 January 2022

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी की जयंती

जय श्री राम, आज स्वतंत्र भारत के प्रथम संस्थापक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी की जयंती है। आझाद हिंद फौज की स्थापना कर उन्होंने हिंदुस्थान के सभी लोगों को एक बहुचर्चित नारा दिया था "तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा" उनके इस आवाहन से प्रेरित होकर ब्रिटिश फौज में शामिल हजारों सैनिकों ने अपना सर्वस्व स्वतंत्रता के लिए न्यौछावर कर दिया था और निरपेक्षता से समय आया तब भूख की परवाह किए बगैर पेट को दुपट्टे से कसकर आजादी की लड़ाई लडी है वो केवल नेताजी के हृदय स्पर्शी नेतृत्व के कारण। नेताजी की सेना में स्त्रियों का भी सक्रिय योगदान रहा है। उनकी इस सेना का ऊग्र रूप देखकर तत्कालीन ब्रिटिश सरकार के होश उड़ गए थे और उन्होंने यह निश्चित मान लिया था कि अब और अधिक समय वे भारत पर शासन नहीं चला सकेंगे। किंतु स्वार्थ वश जो अंग्रेज भारत में आये थे, क्या वे इतनी आसानी से हमें आज़ादी देने वाले थे? उनके शासन काल में जो भारतीय लोगों को उन्होंने अपने वश में कर लिया था, उन्हें फितूर बना कर नेताजी के विरुद्ध षड्यंत्र करने में वे सफल रहे और यहां से भागने के पश्चात् भी उन्हीं की दी हुई सीख पर यहां के शासक चलने लगे। अर्थात अंग्रेज तो चले गए लेकिन अपनी मानस संतानें हमपर लाद गये। हम भी तब इतने भोले थे कि आज़ादी मिली ऐसा भ्रम पाल कर उन आस्तीन के सांपों को न केवल पालते रहे, उन्हें ही हमारी आज़ादी के शिल्पकार भी मान बैठे और वे फरामोश हमारा शोषण करते रहे। खैर, आज के दिन का अवसर ले कर आइये हम प्रतिज्ञा करते हैं कि अब फिर कभी हम किसी छलावे में नहीं आएंगे और अखंड भारत का निश्चय और उसे अभेद्य बनाने वाले नेताओं को ही देश की कमान सौंपेंगे। यही नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी को आदरभाव से वंदन होगा। जय हिन्द वन्देमातरम भारत माता की जय
कवि'रवि'

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