स्वतंत्रता का पर्व
स्वतंत्रता का पर्व आ गया
आओ हम सब हिल मिल जाएं
देश धर्म का ब्रीद उजागर
मधुर धुन में मगन हो गाएं
जन गण मन है मंत्र हमारा
सदा बहें खुशियों की धारा
अटल अटूट मन मस्तिष्क हमारा
राष्ट्र वृद्धि की सोच निभाएं
स्वतंत्रता का पर्व आ गया........
जाति पाती का भेद मिटाकर
भगवा ध्वज को अर्पित होवें
सत्य सनातन अपनी संस्कृति
समरसता की नींव बनाएं
स्वतंत्रता का पर्व आ गया........
दिन दुखियारा कोई नहीं हो
घर में सुख और शांति समाएं
विद्या शक्ति और समझबुझ
हम से सच्चे दिल कार्य कराएं
स्वतंत्रता का पर्व आ गया
आओ हम सब हिल मिल जाएं
देश धर्म का ब्रीद उजागर
मधुर धुन में मगन हो गाएं
कवि 'रवि'

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