Sunday, 26 May 2024

भजन:

तन में ऊर्जा मन में ऊर्जा 
सबकुछ ऊर्जावान हुआ 
संकट सब मोरे दूर भये 
प्रभु जब भी तेरा नाम लिया 

देह भान अब कछु ना रहिबे 
मन में तोरा नाम चलै
कण कण जो चमके है हर पल 
दर्शन तेरा मान लिया 

सूक्ष्म विराट दृश्य अदृश्य 
तेरी छबि है अनजानी 
तेरा सबहिं दर्शन पावै 
जिसने जैसा ठान लिया 

मात-पिता-घर ग्राम नगर में 
जहां कहीं संचार हुआ 
कहें 'रवि' अंधियारे में प्रभु
तेरा साक्षात्कार किया 
जय श्री राम जय श्री राम 🙏
कवि 'रवि'

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