Saturday, 22 June 2024

क्या बताएं जिंदगी

क्या बताएं जिंदगी
 तेरा हाल तो ऐसा न था 
ख्वाब में देखा किये जो
रास्ता वैसा न था 
ज़ख्म थे भरकर कदम 
पर दर्द क्यों वैसा न था 
एक सिसक की गूंज सुनकर 
दिल ख़फ़ा वैसा न था 
कवि 'रवि'

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