Monday, 25 November 2024

ये जरूरी नहीं

Friday, 22 November 2024

कामना ही चित्ती

तुझे नित्य दर्शन 
चिंती माझे मन 
आणिक सज्जन 
भेटीलागी 
देतो तूची देवा 
सकळां सर्वदा 
मागू काय आता 
मोक्षां परतें 
गृहस्थी संसार 
प्रपंचाचा भार 
आता नसे धीर 
येतो देवा 
कवि 'रवि' 

Thursday, 21 November 2024

हद बे हद

मत पूछो किस क़दर इंतजार की हद कर ली 
थी जो मुकर्रर हमने मौत भी मुल्तवी कर ली 
आंखों का नूर लम्हा दर लम्हा फ़ना होता गया 
होश उड़ने लगे फिर भी नब्ज़ काबू कर ली 
हुई महसूस आहट जब उनके कदमों की 
यक ब यक जेहन में जिंदगी भर ली 
हुए दीदार जैसे ही.....उजाला सा हुआ 
फिर न उलझेंगे आशनाई से....तौबा कर ली 
'रवि' क्योंकर ज़माने में चर्चे आम हुए 
रही बदनाम उल्फत तो क्यों सभी ने कर ली 
कवि 'रवि' 

Monday, 18 November 2024

एक वोट राष्ट्र के नाम

भाई देर न कर 

तू वोट कर 

राष्ट्र के हित में 

वोट कर......

भाई देर न कर तू वोट कर 

उम्मीदवार को सही जान ले 

देशहित का हो यह ठान ले

सब को ले जा साथ बटोरे 

दुष्मन के लिए खाली कटोरे 

ऐसी करारी चोट कर 

भाई देर न कर तू वोट कर 

कवि 'रवि'

Wednesday, 13 November 2024

अव्यक्त

मनातील मोकळ्या जागा 
कळेना व्यापिल्या केंव्हा
तुझ्या त्या दिव्य स्पर्शाने 
ऊरी त्या साठल्या केंव्हा
ऋणातील अव्यक्त मन माझे 
सदा अर्पीत राहिले
असे ते फेडु शकलो ना 
कळेना घेतले केंव्हा
ऊभा रस्त्यावरी कां 
तो असा संदर्भ सोडोनी
तयाने पाश जन्मांचे 
असे झिडकारले केंव्हा
अकल्पित ओढ ती असते 
परी भय साथ सोडेना
ऊसासा अंत पर्वाचा 
अचानक उद्भवे केंव्हा
मना बा सांग तू 
ऐसे जगाला काय ते दिधले
तुवा पाषाण जे पुरले 
जगाने मानले केंव्हा
कवि 'रवि' 
© रवींद्र सरदेशमुख

Sunday, 10 November 2024

अर्घ्य मेरा जीवन