Friday, 28 November 2025

दोस्त नहीं बदलते

न दिल बदलते हैं 
ना जज़्बात ही बदलते हैं 
वक्त के साथ यारों 
हालात बदलते हैं 
बस वक्त का तकाजा है 
मसरूफ हूं इस कदर 
दोस्त याद आते हैं 
पल दर पल मगर 
जूस्तजू अंजाम में बदलने से पहले 
खयालात बदलते हैं
'रवि' एक लम्हा बचाके रख 
दोस्तों के वास्ते 
कायनात ठुकरा देगी लेकिन 
दोस्त नहीं बदलते 
कवि 'रवि' 


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