मोहब्बत की मिसाल
ये कहानी है शमा और परवाने की
जिनकी फितरत है जलने जलाने की
हर तरह रूप से दिखता हे पतंगा प्यारा
और शमा तो जैसे धरती पे चमकता तारा दोनों में प्यार का जज़्बा है इस कदर
दोनों जलते है बैखोफ मर जाने से बेखबर
ना कोई मिसाल है नहीं कोई जवाब
इनकी आशनाई का
न गिला है न शिकवा न पता
इनमें रुसवाईका,
इक दुसरे से मिलकर दोनो
आपस में यूं समां जाते हैं
मोहब्बत में शहीद होकर
ये जन्नत जरूर जाते हैं
चंद गिनने को मिलती है
मोहब्बत में इन्सानी मिसालें
शमा और परवाने हजारों है बड़े दिल वाले कुदरत का तमाशा हो भी
पर ये शहादत हे बहरहाल
देखता हूँ जब भी ये नजारा
मैं हो जाता हूँ बेहाल
जीने का मकसद ही जिसने
कुर्बानी बनाया होगा
सुनहरे लफ्जों में वो
अपना नाम लिखाकर आया होगा
कवि'रवि'

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