Tuesday, 20 July 2021

समय के साथ कटिबद्धता

सुबह की राम राम मित्रवर। इस देश की धरा हरी चादर ओढ़े नये अवतार में फिर से अपने सृजन शीलता का सभी जीवों को आल्हाददायी कर्तव्य निभाने को तत्पर है। लेकिन हम स्वार्थी मनुष्य जीव उसके खुशहाली का प्रयास करने में चूकते हैं जबकि इतर सभी जीव अपना दायित्व बराबर निभाते हैं। कृषक, जिसे औरों के अपेक्षाकृत अधिक समयसूचकता होनी चाहिए, वो नकारात्मक ऊर्जा से लिप्त हो रहा है यह देख कर धरती माता के हृदय से विद्ध होने की भावना स्पष्ट गोचर हो रही है। पशुहत्या को पाप न समझ कर उसके मांस को व्यंजन की तरह परोसा जाने पर निसर्ग हमें क्या अभिशाप दे रहा है इसकी कल्पना मात्र से ही मन खिन्नता से भर जाता है। चौमासा की शुरुआत हो गई है और धर्म शास्त्र के अनुसार मनुष्य जीव को सात्विकता का अनुसरण करने का अनुरोध किया जाता है। आइए हम सब मिलकर इसे प्रकाशित करें। जय श्री राम 🙏

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