मान्सून और मानव
मान्सून और मानव
मोबाइली अखबार में
छपकर आया था एल नीनो का हालचाल
पढ़कर हम जैसे रिटायर्ड हुए बेहाल
शाम की जमी हुई मंडली को
मिली थी नयी खुराक
कोई कहे भई बुरा हाल होगा
वर्षा का ऋतुमान इस वर्ष कसर बरपा होगा
एक ने कहा भाई सुनो
अक्सर ये होता है कि अनुमान भटक जाता है
जहां बारिश की संभावना
वहां सूरज आग उगलता है
और
जहां आसमान साफ बताते
वहां धुंआधार बरसता है
ये मौसम का हाल भी एल नीनो की तरह है
जो पनपता है उत्तर गोलार्ध में
और असर दिखाता है दक्षिण गोलार्ध में
क्यों न हम एक प्रयास करें
अपने अनुभव का प्रयोग करें
चंद किताबें वो पुरानी पंचांग वाली
उठाकर निसर्ग की गतिविधि का
अभ्यास करें
प्रगत विज्ञान को आइना दिखाकर
पौराणिक सिद्धांतों की तहकीकात करें
उम्र में पुराणों को सहस्त्र वर्ष हासिल है
तथाकथित प्रगत विज्ञान मात्र
दो चार सदियों की उपज है
हमारे ग्रंथ और इतिहास समय सिद्ध है
और पश्चिमी सभ्यता अभ्यास रत है
आओ चलें सत्य की हुंकार लेकर
फिर एक बार विश्व को ज्ञान दान करें
बचे हुए थोडे समय का
योग्य उपयोग करें
रिटायर्ड हुए तो क्या हुआ दिमागदार है
अपने जोश और होश के तरफदार है
कवि 'रवि'

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