दसों दिशाएं और सकल ब्रह्माण्ड
दसों दिशाएं और सकल ब्रह्माण्ड
संस्कृति पूर्ण मेरा भारत खंड
धरा पे बहती पवित्र नदियां
स्वास्थ्य देती दुर्लभ संजीवनियां
भोर सवेरे उगता नारायण
पूर्ण करें हम सब का जीवन
पर्वत शिखर जलकुंभ अरण्य
पवन प्रकृति और 'वर्षा'सन
योग प्रयोग का नित्य अनुष्ठान
शास्त्रों का अद्भुत प्रतिष्ठान
दुनिया भर में ज्ञानावर्तन
संपन्न करें जगत जन जीवन
मैं और मेरा चरित्र-तन-मन
क्षण क्षण हे मां तुझको अर्पण
भारत माता की जय
वंदे मातरम्
कवि 'रवि'

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